हर चौक चौराहे पर यातायात पुलिस एवं होमगार्ड के सिपाही तैनात रहते है। उनकी नगर निगम शहर के बाहर से आने वाले वाणिज्यिक वाहन पर तो उनकी नजर दूर से ही पड़ जाती है। लेकिन इन पुरानी बिना कागजात की मोटरसाइकिल रिक्शा या गन्ने का रस निकालने वाली मशीन जिनको की इंजन से ड्राईवर बिना परमिट लाइसेंस से चला रहा होता है। वह इन कर्मियों को बिलकुल भी नजर नहीं आता है। उनसे बात करने पर वे बेखौफ होकर कहते है की रोज का काम है । एंट्री है ।
जबकि नियमों के मुताबिक इन पर पूरा प्रतिबंध है। तथा अधिकतर दुर्घटनाएं या दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। जिसके कारण परमिट से चलने वाले वाहन के मालिकों को और सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
